OTT पर थ्रिलर के शौकीनों के लिए बेस्ट हैं ये 5 फिल्में, आखिरी मिनट तक बांधे रखेगा सस्पेंस

 

अगर आप रात के अंधेरे में बिस्तर पर लेटे-लेटे ऐसा सस्पेंस महसूस करना चाहते हैं जो आपकी सांसें थाम दे, तो यह लिस्ट खास आपके लिए है। OTT प्लेटफॉर्म्स पर ढेरों फिल्में मौजूद हैं, लेकिन हर फिल्म का थ्रिलर आपको आखिरी सेकंड तक स्क्रीन से चिपकाकर नहीं रख पाता। हमने आपके लिए छांटी हैं 5 ऐसी बेहतरीन सस्पेंस-थ्रिलर फिल्में, जिनका क्लाइमेक्स आपके होश उड़ा देगा और आप दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर हो जाएंगे।

1. जाने जान (Jaane Jaan) - Netflix

करीना कपूर खान, जयदीप अहलावत और विजय वर्मा स्टारर यह फिल्म मशहूर जापानी उपन्यास 'द डिवोशन ऑफ सस्पेक्ट एक्स' पर आधारित है। कालिंपोंग की धुंधली वादियों में रची गई यह कहानी एक सिंगल मदर और उसके पड़ोसी गणित शिक्षक के इर्द-गिर्द घूमती है। जब एक कत्ल होता है, तो गणित का यह मास्टर पुलिस के सामने सुरागों का ऐसा ताना-बाना बुनता है कि कातिल का पता लगाना नामुमकिन सा लगने लगता है।

निर्देशक सुजॉय घोष ने फिल्म की गति और सस्पेंस को बेहतरीन तरीके से मेंटेन रखा है। जयदीप अहलावत की एक्टिंग और उनके किरदार की बारीक सोच आपको हर मोड़ पर चौंकाती है। थ्रिलर लवर्स के लिए यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर मिस न करने वाला कंटेंट है।

2. दृश्यम 2 (Drishyam 2) - Amazon Prime Video

अगर भारतीय सिनेमा में माइंड-गेम और सस्पेंस की बात हो, तो 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी का नाम सबसे ऊपर आता है। अजय देवगन, तबु और अक्षय खन्ना स्टारर यह फिल्म पहले भाग की कहानी को 7 साल आगे ले जाती है। सैम की लाश का राज अब भी दफन है, लेकिन पुलिस नए केस और आधुनिक फोरेंसिक जांच के साथ विजय सालगांवकर को घेरने की पूरी तैयारी कर चुकी है।

फिल्म का पहला हाफ जहां पुलिसिया जांच का माहौल बनाता है, वहीं सेकेंड हाफ में दांव इतने ऊंचे हो जाते हैं कि आप स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाएंगे। इसका क्लाइमेक्स कोर्टरूम ड्रामा और दिमाग की ऐसी बाजी दिखाता है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि कोई इतना चालाक कैसे हो सकता है।

3. इराट्टा (Iratta) - Netflix

अगर आपने अभी तक साउथ सिनेमा की यह मास्टरपीस फिल्म नहीं देखी है, तो आपका थ्रिलर का अनुभव अधूरा है। 'इराट्टा' एक मलयालम क्राइम-थ्रिलर फिल्म है, जो हिंदी ऑडियो के साथ नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है। इसमें जोजू जॉर्ज ने जुड़वां पुलिस अधिकारी भाइयों (प्रमोद और विनोद) का डबल रोल निभाया है, जिनके आपसी रिश्ते बेहद कड़वे हैं।

कहानी तब मोड़ लेती है जब पुलिस स्टेशन के अंदर ही एक भाई की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो जाती है। पूरी फिल्म में चार संदिग्धों से पूछताछ होती है, लेकिन फिल्म के आखिरी 10 मिनट में जो खुलासा होता है, वह इतना खौफनाक और अप्रत्याशित है कि आपका दिल दहल जाएगा।

4. ए गुरुवार (A Thursday) - Disney+ Hotstar

यामी गौतम स्टारर यह रिवेंज-थ्रिलर फिल्म आपको शुरुआत से ही एक हाई-वोल्टेज ड्रामे में खींच लेती है। कहानी नैना जायसवाल नाम की एक प्ले-स्कूल टीचर की है, जो 16 मासूम बच्चों को गनपॉइंट पर बंधक बना लेती है। उसकी मांगें सुनकर देश की पुलिस और सरकार के हाथ-पांव फूल जाते हैं।

फिल्म में अतुल कुलकर्णी और नेहा धूपिया ने पुलिस अधिकारियों की भूमिका में बेहतरीन काम किया है। पहली नज़र में जो एक सिरफिरी टीचर की सनक लगती है, उसके पीछे का सच जब धीरे-धीरे सामने आता है, तो दर्शक भावुक भी होते हैं और हैरान भी। यह फिल्म प्राइम टाइम थ्रिलर का बेहतरीन उदाहरण है।

5. चुप: रिवेंज ऑफ द आर्टिस्ट (Chup) - ZEE5

आर. बाल्की द्वारा निर्देशित यह फिल्म एक बहुत ही अनोखे और निडर कांसेप्ट पर आधारित है। फिल्म में दुलकीर सलमान, सनी देओल और श्रेया धन्वंतरी मुख्य भूमिकाओं में हैं। कहानी मुंबई में घूम रहे एक ऐसे सीरियल किलर की है, जो उन फिल्म क्रिटिक्स की बेरहमी से हत्या करता है जो फिल्मों को फेक या बेईमान रिव्यू देते हैं।

इस मर्डर मिस्ट्री में लेजेंडरी फिल्ममेकर गुरु दत्त के सिनेमा को एक खास श्रद्धांजलि दी गई है। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और 'कागज़ के फूल' के गाने सस्पेंस के माहौल को और गहरा बना देते हैं। सीरियल किलर की तलाश और उसके पीछे की वजह आपको आखिरी तक बांधे रखती है।

OTT पर थ्रिलर देखने का सही तरीका

अगर आप इन फिल्मों का पूरा मजा लेना चाहते हैं, तो इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान जरूर रखें:

  • स्पॉइलर से बचें: इन फिल्मों को देखने से पहले सोशल मीडिया पर इनके बारे में ज्यादा सर्च न करें, वरना सस्पेंस का मजा खराब हो सकता है।
  • साउंड क्वालिटी: थ्रिलर फिल्मों का असली रोमांच उनके बैकग्राउंड म्यूजिक में छुपा होता है, इसलिए हेडफोन का इस्तेमाल करें।
  • डार्क एम्बियंस: रात के समय कमरे की लाइट बंद करके फिल्म देखना आपको सीधे कहानी के माहौल में उतार देता है।

सस्पेंस फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि वे आपके दिमाग की कसरत भी कराती हैं। अगली बार जब आप कंफ्यूज हों कि वीकेंड पर क्या देखा जाए, तो इस लिस्ट में से अपनी मनपसंद फिल्म चुनकर पॉपकॉर्न के साथ तैयार हो जाइए।

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